Interview

प्रदेश को उपभोक्ता संरक्षण क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचाएंगे : मीणा

विश्व उपभोक्ता दिवस के संदर्भ में राजस्थान सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्री रमेश मीणा से कंज्यूमर्स वल्र्ड के सवाल-जवाब  |  गरीब और जरुरतमंद उपभोक्ता का कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता
सवाल:- उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में राज्यसरकार की प्राथमिकताएं क्याहैं?
जवाब:- राज्य सरकार प्रत्येक उपभोक्ता के संरक्षण के लिए कृत संकल्प है और गरीब व जरुरतमंद उपभोक्ताओं के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इसके लिए हमने 1 रुपए किलो गेहूं देने की अपनी चुनावी घोषणा को सरकार बनते ही प्राथमिकता के साथपूरा कियाहै एवं राज्य में पोर्टेबिलिटी को भी लागू किया है।लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरि ए जरुरतमंद उपभोक्ताओं को मिलने वाली सभी वस्तुओं की पारदर्शिता के साथ उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सवाल:- लंबे समय तक राज्य उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में देश में शीर्ष पर रहा है लेकिन पिछले पांच सालों में स्थिति बहुत खराब हुई है।वापससुधार के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी?
जवाब:- हमारा प्रयास है कि पिछली सरकार के शासन के दौरान जो कमियां रहीं, उन्हें प्रभावी ढंग से दूर करते हुए हम राजस्थान को उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में पुन: देश में सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के सभी प्रभावी कदम उठाने को कृत संकल्प हैं। अधिकारियों को उपभोक्ता संरक्षण कार्यों में आ रही शिथिलता दूर करने के लिए प्रभावी निर्देश दिए जा रहे हैं । उपभोक्ता मंचों, परिषदों, सतर्कता समितियों आदि को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी हम कृत संकल्प हैं।
सवाल:- विभिन्न जिला मंचों में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं जिसके चलते मंचों के फैसलों में विलंब हो रहा है और उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है । इस हेतु सरकार क्या कर रही है?
जवाब:- पिछली सरकार के दौरान समय पर नियुक्तियां न होने के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है।यह सही है कि बड़ी संख्या में मंचों में अध्यक्ष और सदस्यों के पद रिक्त हैं।हमने सरकार बनते ही इन रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसके लिए विज्ञप्ति भी जारी की जा चुकी है।जल्द ही नियुक्तियां कर उपभोक्ताओं के सामने आ रही परेशानियों को दूर कर दिया जाएगा।
सवाल:- उपभोक्ता संगठनों के प्रयास से विधिक माप विभाग को उपभोक्ता मामले विभाग में लाया गया।शुरू में तो इस दिशा में कार्य हुआ लेकिन बाद में सारी कार्यवाहियां ठप हो गईं, स्टाफ को लेकर भी समस्याएं हैं। इस दिशा में क्या कार्य हो रहा है?
जवाब:- विधिक माप विज्ञान उपभोक्ता संरक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।नापतोल में होने वाली गड़बडिय़ां और डिब्बा बंद वस्तुओं से संबंधित नियम इसके तहत शामिल होते हैं। मैंने कार्य संभालते ही  इस दिशा में अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।बाट-माप के सत्यापन की कार्यवाही को तेज किया जा रहा है और गड़बड़ी करने वालों पर कार्यवाही भी हो रही है।हमने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज कर इस क्षेत्र में भी पारदर्शिता लाने का कार्य प्रारंभ किया है।
सवाल:- उपभोक्ताओं के विभिन्न अधिकारों का संरक्षण करने की दिशा में राज्य सरकार की क्या योजना है?
जवाब:- उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण करने की जिम्मेदारी कानूनी तौर पर उपभोक्ता संरक्षण परिषदों को दी गई हैं। इसके लिए राज्य स्तर पर और जिला स्तर पर उपभोक्ता संरक्षण परिषदों का गठन किया जाता है।हमने इसके लिए पुनर्गठन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।राज्यस्तरीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद् के पदेन अध्यक्ष का दायित्व मंत्री के रूप में मेरे पासहै।हम इसमें योग्य और सक्षम सदस्यों के मनोनयन के जरिए इसे प्रभावी बनाएंगे और समय पर इसकी बैठकें आयोजित करेंगे, साथ ही इसमें लिए जाने वाले निर्णयों पर प्रभावी अमल भी सुनिश्चित करेंगे।
सवाल:- राज्य में उपभोक्ताओं को सीधे राहत देने के लिए राज्य उपभोक्ता हैल्पलाइन का संचालन कांगे्रस के पिछले शासन काल में शुरू किया गया था।पिछली सरकार में इसे कमजोर किया गया और कई समय तक तो इसका संचालन ही ठप रहा।भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए अब क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
जवाब:- राज्य उपभोक्ता हैल्पलाइन, राजस्थान देश भर में उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में पिछले कांग्रेस शासन काल में सर्वोत्कृष्ट रूप से कार्य कर रही थी और इसी मॉडल पर कई दूसरे राज्यों में भी हैल्पलाइन की शुरूआत हुई।हमने कार्यभार संभालते ही ठप पड़ी हैल्पलाइन को फिर से शुरू करवाया और अब इसकी गुणवत्ता में सुधार के लिए भी प्रयास कर रहे हैं।यदि आवश्यकता हुई तो पूर्व की भांति विशेषज्ञों की मदद लेकर इसका प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
सवाल:- विश्व उपभोक्ता दिवस पर आप उपभोक्ताओं को क्या संदेश देना चाहते हैं?
जवाब:- विश्व उपभोक्ता दिवस पर मैं उपभोक्ताओं को यही कहना चाहूंगा कि राज्य सरकार उपभोक्ता संरक्षण कार्यों को उच्च प्राथमिकता देतीहै। उपभोक्ताओं को जागरूक करने के निरंतर प्रयास किए जा रहेहैं। इसके लिए विभिन्न संगठन भी प्रभावी कार्य कर रहे हैं जिन्हें सुदृढ़ किया जाएगा लेकिन जब तक उपभोक्ता स्वयं जागरूक नहीं होंगे, तब तक योजनाओं का प्रभावी लाभ नहीं ले पाएंगे। अत: आवश्यकता इस बात की है कि उपभोक्ता स्वयं जागरूक और संगठित हों एवं योजनाओं का पूर्ण लाभ लें।

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